22.3.09

ब्लैकबेरी में बीएसएनएल के आने से तेज होगा प्राइस वार

सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ब्लैकबेरी सेवाएं शुरू करने जा रही है। बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कुलदीप गोयल का कहना है कि कंपनी अप्रैल तक ब्लैकबेरी सेवाएं लांच कर देगी। बीएसएनएल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी को ब्लैकबेरी के लिए जरूरी मंजूरी मिल चुकी है और वह 20 मार्च को चंडीगढ़ में सेवाएं लांच कर देगी। इसके बाद महीने के आखिर तक एमटीएनएल की ओर से भी दिल्ली और मुंबई में ब्लैकबेरी लांच किए जाने की उम्मीद है। उधर, इस नए क्षेत्र में बीएसएनएल की एंट्री और वित्त वर्ष के आखिर में मुनाफा बचाए रखने के लिए निजी टेलीकॉम कंपनियां भी टैरिफ घटाने की तैयारी कर रही हैं। बीएसएनएल की ओर से दी जाने वाली ब्लैकबेरी सेवाओं में 3जी सुविधा के इस्तेमाल की सहूलियत भी होगी। निजी कंपनियों को टक्कर देने के लिए बीएसएनएल ब्लैकबेरी का किफायती टैरिफ पेश करेगी। बीएसएलएल ब्लैकबेरी का न्यूनतम टैरिफ 300 से 400 रुपये के बीच हो सकता है। इसके अलावा सेवाओं के इस्तेमाल के वक्त डाउनलोडिंग आदि के लिए वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्क से भी ग्राहक को बचाकर प्लान को आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है। अभी तक ब्लैकबेरी में सबसे कम टैरिफ एयरटेल का है। एयरटेल 249 रुपये मासिक रेंटल वाले प्लान में 15 पैसे प्रति केबी की दर से डाउनलोडिंग जार्च लेती है। इसी तरह वोडाफोन का न्यूनतम प्लान 299 रुपये का है लेकिन वह इंटरनेट इस्तेमाल के बजाए सिर्फ ई-मेल पढ़ने की सुविधा देता है। अनलिमिटेड इस्तेमाल वाले ब्लैकबेरी प्लान में आईडिया 1099 और टाटा टेली 1350 रुपये मासिक रेंटल वाले टैरिफ हैं। अगर बीएसएनएल बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के 400 रुपये से कम मासिक रेंटल वाले प्लान बगैर डाउनलोड चार्ज के साथ लांच करता है तो टेलीकॉम सेवाओं के इस क्षेत्र में प्राइसवार तेज हो जाएगी। 3जी सेवाओं की सहूलियत के साथ बीएसएनएल का ब्लैकबेरी बाकी टेलीकॉम कंपनियों पर भारी पड़ सकता है। एयरटेल और वोडाफोन को अभी 3जी स्पैक्ट्रम आवंटित होना बाकी है जबकि सरकार बीएसएनएल को पहले ही 3जी रेडियो फ्रीक्वेंसी दे चुकी है। विवादों में रही हैं ब्लैकबेरी सेवाएंब्लैकबेरी सेवाओं में डेटा ट्रांसफर के सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ न आने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद सरकारी टेलीकॉम कंपनी की ओर से ब्लैकबेरी सेवाएं लांच किए जाने के मुद्दे पर गोयल का कहना है कि 3जी सेवाओं की निगरानी संभव है और फिलहाल इस पर किसी तरह की रोक नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को तब तक 3जी सेवाएं उपलब्ध न कराने को कहा था जब तक कि खुफिया एजेंसियों को इन कॉल्स की निगरानी की सुविधा नहीं मिल जाती।

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