
अजीत सिंह
समय अनुकूल होते ही प्रॉपर्टी खरीदारों ने एकजुट होकर रियल एस्टेट कंपनियों और डेवलपर्स पर कीमतें कम करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। खरीदारों ने मिल-जुलकर सौदेबाजी के सहारे दिल्ली में भी डीएलएफ द्वारा कीमतें गिरवाने की मुहिम छेड़ रखी है। इन खरीदारों को डीएलएफ की ओर से 15 मार्च तक दाम घटाने का आश्वासन मिल चुका है। प्रॉपर्टी बाजार में जहां अक्सर डेवलपर्स गठजोड़ कर कीमतों को नियंत्रित करते हैं, खरीदारों की यह एकजुटता बाजार को प्रभावित करने वाली घटना साबित हो सकती है। ऐसे दबाव के चलते डीएलएफ चेन्नई और बंगलूरू में 20 से 30 फीसदी तक कीमतें कम कर चुकी है।
इस मुहिम में शामिल चार्टर्ड एकाउंटेंट सचिन जैन ने त्नबिजनेस भास्करत्न को बताया कि पिछले साल फरवरी में लांच हुए डीएलएफ के न्यू टाउन हाइट्स प्रोजेक्ट में उन्होंने 50 लाख रुपये में 2250 रुपये प्रति वर्ग फुट के भाव पर 1760 वर्ग फुट एरिया वाले 3 बेडरूम फ्लैट का सौदा किया था। गत दिसंबर तक डीएलएफ को उन्होंने करीब 40 फीसदी राशि का भुगतान भी कर दिया। हालांकि साइट पर निर्माण शुरू ही नहीं हुआ, जबकि उनसे नियमित अंतराल के बाद किस्तों की मांग की जाती रही। डेवलपर के इस रवैये के खिलाफ उन्होंने बाकी खरीदारों से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे करीब 322 लोग कंपनी के खिलाफ लामबंद हो गए। जैन के मुताबिक, खरीदारों ने बाजार की बदली स्थितियों के हिसाब से कीमतें 25 फीसदी तक कम करवाने, प्राइम लोकेशन चार्ज घटवाने और समयबद्ध भुगतान के बजाय निर्माण पूरा होने के हिसाब से भुगतान व्यवस्था के लिए मुहिम छेड़ने का फैसला किया। इसके संचालन के लिए कोर ग्रुप बनाया गया जिसमें चार्टर्ड एकाउंटेंट, एडवोकेट आदि शामिल हैं।
खरीदारों का यह ग्रुप डीएलएफ के टॉप मैनेजमेंट से बातचीत कर चुका है और जैन के मुताबिक, करीब दो सप्ताह पहले डीएलएफ ने उन्हें 15 मार्च तक कीमतें कम करने जैसी राहत देने का आश्वासन दिया है। हालांकि, डीएलएफ के प्रवक्ता ने दिल्ली-एनसीआर में खरीदारों के दबाव में कीमतें गिराने से इनकार किया है। प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी ने चेन्नई में कीमतें घटाई हैं, क्योंकि वहां प्रोजेक्ट काफी पहले लांच किए गए थे और कीमतें ज्यादा थीं। लेकिन यह बात हर प्रोजेक्ट पर लागू नहीं हो सकती। गुड़गांव में न्यू टाउन हाइट्स प्रोजेक्ट की कीमतें पहले ही काफी कम हैं। वैसे, प्रवक्ता ने यह जरूर माना कि खरीदार देखा-देखी कीमतें कम करवाने के प्रयास में हैं।
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