2.8.09
शिक्षा के अधिकार विधेयक में खामियों की भरमार
24.5.09
दिल्ली से ब्लूलाइन की विदाई शीघ्र
मुनाफे पर नजर रख नई रणनीति बनाने में जुटे डेवलपर्स
12.5.09
केंद्र-राज्यों की रस्साकशी में फंसी बसों की खरीद
4.5.09
प्रोमेट्रिक को 200 करोड़ रुपये में ऑनलाइन कैट का ठेका
बटर ऑयल के आयात से डेयरी उद्योग के सामने नई मुश्किलें
23.4.09
फर्जी डिग्रियों पर ढीला है कानून का शिकंजा
पेचीदे नियमों में उलझी सेज की रौनक
रिटेल कंपनियों पर भारी पड़ रहा महंगा कर्ज
खातों में हैं करोड़ों रुपये फिर भी बढ़ा दी फीस
24.3.09
शिक्षा कारोबार में भी सेंध लगा रहे हैं विदेशी संस्थान
22.3.09
ब्लैकबेरी में बीएसएनएल के आने से तेज होगा प्राइस वार
अग्निपरीक्षा है डीएलएफ की दिल्ली लांचिंग
10.3.09
प्रॉपर्टी डेवलपर्स पर अब खरीदार पड़ रहे हैं भारी
21.2.09
दून स्कूल की रजिस्ट्रेशन फीस 36 हजार रुपये
11.2.09
नोएडा अथॉरिटी प्लाटों की वापसी से मालामाल
मुनाफे के लिए स्कूल खोलने की डगर कठिन
कंपनियों की ओर से मुनाफे के लिए स्कूल खोलने के बारे में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री एम.ए. फातमी ने त्नबिजनेस भास्करत्न को बताया कि देश के कानून के हिसाब से स्कूल से लाभ नहीं कमाया जा सकता। कंपनियों की ओर से समाज सेवा के लिए स्कूल खोलने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन जो कंपनियां मुनाफे के लिए स्कूल खोलना चाहती हैं उनके मामले की पड़ताल की जाएगी। स्कूलों के गैर व्यावसायिक स्वरूप को लेकर सरकार की नीति में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कई कंपनियों जैसे एड्यूकॉम्प, कैरियर लांचर और जी ग्रुप ने बड़ा निवेश कर देश भर में स्कूल खोलने की घोषणा की है। एड्यूकॉम्प मिलेनियम, यूरोकिड्स और विद्या प्रभात नाम वाले तीन तरह के स्कूल खोलेगी। इन स्कूलों के बिजनेस मॉडल के बारे में एड्यूकॉम्प की प्रवक्ता का कहना है कि ये स्कूल नियमानुसार किसी ट्रस्ट या संस्था के तहत ही खोले जाएंगे, लेकिन कंपनी इन स्कूलों को अपनी सेवाएं और उत्पाद बेचेगी। इसी से कंपनी को आमदनी होगी। एड्यूकॉम्प के मुताबिक, इस तरह से स्कूल खोलने और उन्हें सेवाएं देकर आय अर्जित करने की पूरी प्रक्रिया में संबंधित नियामक संस्थाओं की अनुमति ली जा रही है।