4.5.09
प्रोमेट्रिक को 200 करोड़ रुपये में ऑनलाइन कैट का ठेका
भारतीय कंपनियों को पछाड़ते हुए अमेरिकी कंपनी प्रोमेट्रिक ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) की प्रवेश परीक्षा को ऑनलाइन कराने का ठेका हासिल कर लिया है। कम्बाइंड एडमिशन टेस्ट (कैट) को 33 साल बाद बगैर पैन और पेपर के आयोजित कराने के लिए इस कंपनी को करीब 200 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। इस ठेके के मिलने की पुष्टि होने के साथ ही प्रोमेट्रिक ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियोंको बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है।
आईआईएम बेंगलुरू की ओर से कैट के लिए प्रोमेट्रिक के चयन की घोषणा कर दी गई है। इस ठेकेके लिए कितनी धनराशि दी गई इसका खुलासा नहीं किया गया है। कैट ग्रुप के सदस्य और आईआईएम लखनऊ की प्रवेश परीक्षा समिति के चेयरमैन हिमांशु राय ने बिजनेस भास्कर को बताया कि इस बारे में अगले एक दो दिन में आधिकारिक तौर पर जानकारी दी जाएगी।
राय ने माना कि प्रोमेट्रिक को ठेका मिलना लगभग तय है। उधर, प्रोमेट्रिककी ओर से बिजनेस भास्कर को भेजे गए ई-मेल में 40 मिलियन डॉलर यानी करीब 200 करोड़ रुपये में आईआईएम की ओर से कैट को कम्प्यूटराइज्ड करने का ठेका मिलने का दावा किया गया है।
प्रोमेट्रिक एजुकेशन टेस्ट कराने के मामले में दुनिया की जानी-मानी कंपनी एजुकेशन टेस्ट सर्विस (ईटीएस) की सहायक कंपनी है, जो विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए जरूरी टोफेल व जीआरई जैसे टेस्ट कराती है। ईटीएस भारत में पहले से ही कई शहरों में टेस्ट सेंटर चला रही है। इसके लिए इसने एनआईआईटी से तालमेल कर रखा है।
कैट को ऑनलाइन कराने के लिए कुल 30 कंपनियों ने दावेदारी पेश की थी। अंतिम दौर में चुनी गई 4 कंपनियों में प्रोमेट्रिक के अलावा ब्रिटेन की एक और 2 भारतीय कंपनियां शामिल थी। ब्रिटेन की पियरसन वीयूई और प्रोमेट्रिक के बीच कड़ा मुकाबला था। पियरसन भी जी-मैट नाम की अंतरराष्ट्रीय परीक्षा आयोजित कराती है। बिट्स पिलानी का ऑनलाइन टेस्ट कराने वाली बेंगलुरू की एडुक्यूटी करियर टेक्नोलॉजी और एप्टेक की टेस्टिंग डिवीजन एटटेस्ट की दावेदारी इन दिग्गज कंपनियों के सामने नहीं टिक पाई।
उधर, आईआईएम ने ऑनलाइन परीक्षा के लिए एडमिशन टेस्ट फीस में करीब 50 फीसदी तक बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। फिलहाल सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए कैट की फीस 1,300 रुपये है। पिछले साल आईआईएम को सिर्फ प्रोस्पेक्टस की बिक्री से ही करीब 22 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी।
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