कंपनियों की ओर से मुनाफे के लिए स्कूल खोलने के बारे में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री एम.ए. फातमी ने त्नबिजनेस भास्करत्न को बताया कि देश के कानून के हिसाब से स्कूल से लाभ नहीं कमाया जा सकता। कंपनियों की ओर से समाज सेवा के लिए स्कूल खोलने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन जो कंपनियां मुनाफे के लिए स्कूल खोलना चाहती हैं उनके मामले की पड़ताल की जाएगी। स्कूलों के गैर व्यावसायिक स्वरूप को लेकर सरकार की नीति में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कई कंपनियों जैसे एड्यूकॉम्प, कैरियर लांचर और जी ग्रुप ने बड़ा निवेश कर देश भर में स्कूल खोलने की घोषणा की है। एड्यूकॉम्प मिलेनियम, यूरोकिड्स और विद्या प्रभात नाम वाले तीन तरह के स्कूल खोलेगी। इन स्कूलों के बिजनेस मॉडल के बारे में एड्यूकॉम्प की प्रवक्ता का कहना है कि ये स्कूल नियमानुसार किसी ट्रस्ट या संस्था के तहत ही खोले जाएंगे, लेकिन कंपनी इन स्कूलों को अपनी सेवाएं और उत्पाद बेचेगी। इसी से कंपनी को आमदनी होगी। एड्यूकॉम्प के मुताबिक, इस तरह से स्कूल खोलने और उन्हें सेवाएं देकर आय अर्जित करने की पूरी प्रक्रिया में संबंधित नियामक संस्थाओं की अनुमति ली जा रही है।
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