बदले आर्थिक हालात में बीपीटीपी जैसे कई डेवलपर्स नोएडा में महंगे जमीन सौदों के बकाए का भुगतान नहीं कर पा रहे थे। रियल एस्टेट में फंड की किल्लत और मांग में कमी के चलते यह जमीन सौदे टूटने के कगार पर पहुंच गए। डेवलपर्स की मांग पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने इन्हें जमीन वापस करने और भुगतान की किस्तों को आगे बढ़ाने का विकल्प दिया है। मगर इसमें भी प्राधिकरण ने कमाई के मौके निकाल लिए हैं। जमीन वापस करने की सूरत में प्राधिकरण भुगतान की रकम का 10 फीसदी पेनाल्टी के तौर पर वसूलेगा। किस्तों के भुगतान के मामले में बकाया रकम पर ब्याज को मूल में जोड़कर आगे की अवधि का ब्याज इस कुल रकम पर देना होगा।
पिछले एक दो साल के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बीपीटीपी के अलावा यूनिटेक, ओमेक्स, एसोटेक, पाश्र्वनाथ समेत 20 से ज्यादा डेवलपर्स के साथ जमीन के सौदे किए हैं। इनमें से ज्यादातर की ओर से बकाया किस्तों का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा है।
पिछले वर्ष मार्च में नोएडा में 95 एकड़ जमीन के लिए 5,006 करोड़ रुपये की बोली लगा कर बीपीटीपी ने देश का सबसे महंगा जमीन सौदा अपने नाम किया था। मगर 1,300 करोड़ रुपये के शुरुआती भुगतान के बाद कंपनी बाकी भुगतान नहीं कर पाई थी।
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